यह पुस्तक माध्यमिक पाठशाला में सेवा निरत शिक्षाकों का हिंदी प्रशिक्षण साहित्य हे।
इस पुस्तक का उद्देश्य प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षार्थियों के लिए पूर्व निर्धारित संदर्भ के रूप में कार्य करना है। यह पाठ्यक्रम सामग्री में मुख्य अवधारणाओं के आदान-प्रदान के लिए सुझाए गए दिशानिर्देश प्रदान करता हैI
प्रस्तुत पुस्तिका शिक्षकों के लिए मार्गदर्शिका है। यह हिन्दी भाषा शिक्षण से जुड़े कौशल का विकास करने में शिक्षकों के लिए मददगार साबित होगी।
प्रस्तुत पुस्तक पाठ्यपुस्तक प्राथमिक स्तर के लिए शिक्षक-संदर्शिक के लिए राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण पारिषद द्वारा प्रकाशित की जाती है।
पठन शिक्षण प्राथमिक कक्षाओं के पाठ्यक्रम का अत्यधिक महत्वपूर्ण अंग है। देश के हर राज्य में इन कक्षाओं के लिए पठन पुस्तकें तैयार की जाती है किन्तु इन पुस्तकों के शब्द भंडार की मात्रा और प्रकृति का निर्धारण कैसे किया जाए इसके सम्बन्ध में कोई निश्चित मत तथा परम्परा नहीं है। इस सम्बन्ध में शोध आधारित मार्गदर्शक बिन्दुओं का निर्धारण करने के लिए राष्ट्रिय शैक्षिक अनुसन्...
इस पुस्तक में देश के छोटे बच्चों को भारत के इतिहास की अच्छी- खासी झांकी मिल सकेगी। इसे खास कर नौ से चौदह वर्ष तक की अवस्था के स्कूल जानेवाले बच्चों के लिए लिखा गया है। पुस्तक का उद्देश्य इतिहास की पूरी-पूरी जानकारी कराना उतना नहीं है, जितना बच्चों में इतिहास पढ़ने की दिलचस्पी पैदा करना।
भारतीय साहित्य के इतिहास-निर्माण की दीर्घ-यात्रा में जिन महान् प्राचीन अथवा अर्वाचीन प्रतिभाओं ने महत्त्वपूर्ण योग दिया है, उनका परिचय सामान्य पाठकों तक पहुँचाने के उद्देश्य से इस पुस्तकमाला का प्रकाशन आरम्भ किया गया है।
भारतीय साहित्य के इतिहास-निर्माण की दीर्घ-यात्रा में जिन महान् प्राचीन अथवा अर्वाचीन प्रतिभाओं ने महत्त्वपूर्ण योग दिया है, उनका परिचय सामान्य पाठकों तक पहुँचाने के उद्देश्य से इस पुस्तकमाला का प्रकाशन आरम्भ किया गया है।
भारतीय साहित्य के इतिहास-निर्माण की दीर्घ-यात्रा में जिन महान् प्राचीन अथवा अर्वाचीन प्रतिभाओं ने महत्त्वपूर्ण योग दिया है, उनका परिचय सामान्य पाठकों तक पहुँचाने के उद्देश्य से इस पुस्तकमाला का प्रकाशन आरम्भ किया गया है।
प्रस्तुत पुस्तिका शिक्षकों के लिए मार्गदर्शिका है। यह हिन्दी भाषा मंजरी शिक्षण से जुड़े कौशल का विकास करने में शिक्षकों के लिए मददगार साबित होगी।
अर्थशास्त्र शब्दावली पहले साइक्लोस्टाइल रूप में प्रकाशित की गई थी। प्रस्तुत प्रकाशन उसी का द्वितीय संस्करण है। इसमें अर्थशास्त्र की विभिन्न शाखाओं के लगभग 8000 शब्दों का समावेश किया गया है।